Thursday, 23 August 2012

पल्लव सुमित्रानंदन पंत का तीसरा कविता संग्रह है जो 1928 में प्रकाशित हुआ था
सौ पदों में लिखी गयी तुलसीदास निराला की सबसे बड़ी कविता है, जो कि 1934 में लिखी गयी
'कामायनी' आधुनिक हिन्दी साहित्य का सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य है।इसका प्रकाशन सन १९३६ में हुआ।
दीपशिखा महादेवी वर्मा का पाँचवाँ कविता-संग्रह है। इसका प्रकाशन १९४२ में हुआ 
४३ में 'चिन्ता' का प्रकाशन हुआ । निराला के '
कुकुरमुत्ता' का प्रकाशन भी इसी वर्ष हुआ । १ ९४३ का अपना महत्व 
है, जब अज्ञेय के संपादन में भार सप्तक' का प्रकाशन हुआ 

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