साम्राज्ञी का नेवैद्य-दान / अज्ञेय
AKAL ME SARAS KEDARNATH SINH
BAT BOLEGI SHAMSHER
YAMUNA KE PRATI KEDAR AGRAWAL
HANSAWALI KAVI ASAIT
SATYWATI ISHWERDAS
NIRAL KI APSARA
RAS KI GANGA BAHAYE JAGGANATH RASGANGADHAR JAGGANATH
PURA VISHV EK DARPAN HAI SAHITY DARPAN VISHVNATH
MAMA KAVY KARTA HAI PRAKASH MAMMAT KAVY PRAKASH
राष्ट्रगीत में भला कौन वह
भारत भाग्य विधाता है
फटा सुथन्ना पहने जिसका
गुन हरचरना गाता है।
मखमल टमटम बल्लम तुरही
पगड़ी छत्र चँवर के साथ
तोप छुड़ाकर ढ़ोल बजा कर
जय-जय कौन कराता है?
पूरब पश्चिम से आते हैं
नंगे-बूचे नरकंकाल
सिंहासन पर बैठा, उनके
तमगे कौन लगाता है?
कौन-कौन है वह जन-गण-मन
अधिनायक वह महाबली
डरा हुआ मन बेमन जिसका
बाजा रोज बजाता है।
…रघुवीर सहाय…
भारत भाग्य विधाता है
फटा सुथन्ना पहने जिसका
गुन हरचरना गाता है।
मखमल टमटम बल्लम तुरही
पगड़ी छत्र चँवर के साथ
तोप छुड़ाकर ढ़ोल बजा कर
जय-जय कौन कराता है?
पूरब पश्चिम से आते हैं
नंगे-बूचे नरकंकाल
सिंहासन पर बैठा, उनके
तमगे कौन लगाता है?
कौन-कौन है वह जन-गण-मन
अधिनायक वह महाबली
डरा हुआ मन बेमन जिसका
बाजा रोज बजाता है।
…रघुवीर सहाय…
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