Monday, 18 June 2012

 मालवी कविता का शुरूआती रूप कालिदास-शूद्रक आदि की प्राकृत-अपभ्रंश से लेकर राजा भोज के ग्रन्थों और रोड़कवि के राउलवेल काव्य में देखा जा सकता है

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